कोटा : स्वदेशी मेले में दिखे हिंदू संस्कृति के विविध रंग

कोटा : स्वदेशी मेले में दिखे हिंदू संस्कृति के विविध रंग
कोटा, 29 मार्च। नववर्ष आयोजन समिति के तत्वाधान में शुक्रवार को सेवन वंडर्स पार्क कोटा में हिंदू संस्कृति के विविध रंगों और हाड़ोती की लोककलाओं को समेटे स्वदेशी मेले का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राजेंद्र द्विवेदी, संभागीय आयुक्त राजेंद्र सिंह शेखावत ने गणेशजी के समक्ष दीपक प्रज्जवलित कर मेले का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तौड़ प्रांत प्रचारक मुरली एवं वाइस चांसलर राजस्थान टेक्निकल विश्वविद्यालय प्रो. एसके सिंह समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने मेले में भ्रमण किया एवं सहभागियों का उत्साह वर्धन किया।
मेला संयोजक किशन पाठक ने बताया कि मेले में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न समाजों की ओर से 44 से अधिक व्यंजनों के स्टॉल लगाये गये। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु 85 स्थानीय उत्पादों के स्टॉल्स के साथ ही विभिन्न संस्थाओं द्वारा भारतीय साहित्य के स्टॉल भी थे।
वहीं स्थानीय कलाकारों ने लोक कला मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वाद्यों में मोरचंग, अलगोजा, रावण हत्था, भड़ंग, तबला, सितार, ढोलक, खड़ताल आदि प्रमुख रहे। मशक बैंड एवं कच्छी घोड़ी भी आकर्षण का केंद्र थे।
डॉ. प्रेरणा शर्मा ने सितार वादन तो हरिहर बाबा ने भवई नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं राष्ट्रीय नृत्यांगना बरखा जोशी व उनकी टीम ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मेले के दौरान रंगोली एवं मांडना, भारतीय दंगल, मलखम्ब, मटकी फोड़, हिंदू बैंड द्वारा बैंड वादन आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। रानी लक्ष्मीबाई एवं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन चरित्र पर आधारित लघु नाटिका ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में बड़े संयुक्त परिवारों को बुलाकर उनका सम्मान किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित कलाकारों को पुरस्कार दिए गए। मेले का समापन भारतमाता की आरती से हुआ। अंत में भव्य आतिशबाजी हुई।