झालावाड़ में मस्जिद वाली गली से पथ संचलन निकालने पर जिहादियों ने जताई आपत्ति

झालावाड़ में मस्जिद वाली गली से पथ संचलन निकालने पर जिहादियों ने जताई आपत्ति
– जिले के भालता खंड का मामला
– बाद में तय मार्ग से ही निकला पथ संचलन
झालावाड़। हिन्दू बहुल देश में जो भी क्षेत्र मुस्लिम बहुल हो जाता है, वहॉं हिन्दू इकट्ठे होकर चल भी नहीं सकते। उनके पथ संचलन (गैर धार्मिक गतिविधि) से भी मुसलमानों की भावनाएं आहत होने लगती हैं। झालावाड़ के भालता कस्बे में बीते शुक्रवार (31 जनवरी) को कुछ ऐसा ही हुआ। जिहादियों ने ताजिया चौक से जामा मस्जिद वाली गली तक पथ संचलन निकलने पर आपत्ति जताई। हिन्दुओं ने तय मार्ग से ही संचलन निकालने की बात कही। इसके बाद क्षेत्र में स्थिति तनावग्रस्त हो गई। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के आसपास के गांवों के लोग और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता भालता में एकत्रित हो गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अकलेरा उपखण्ड मजिस्ट्रेट स्वयं वहॉं पहुंचे और पुलिस बल मौके पर बुला लिया। झालावाड़ से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ कई अधिकारी भी भालता आ गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से लगभग दो घंटे वार्ता की। जिसमें निर्धारित मार्ग से पथ संचलन की सहमति बनी। इसके बाद पथ संचलन निकाला गया।
पथ संचलन में मुख्य वक्ता बारां विभाग के सेवा भारती के सह सेवा प्रमुख दुलीचंद ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।