‘सृजन’ आर्ट एग्जीबिशन में झलक रही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर

‘सृजन’ आर्ट एग्जीबिशन में झलक रही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर

‘सृजन’ आर्ट एग्जीबिशन में झलक रही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर‘सृजन’ आर्ट एग्जीबिशन में झलक रही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर

जयपुर। राजस्थान की रंगीन संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को जीवंत रखने के उद्देश्य से राजस्थान पर्यटन दिवस उत्सव के अंतर्गत जवाहर कला केंद्र (जेकेके) की अलंकार आर्ट गैलरी में ग्रुप आर्ट एग्जीबिशन ‘सृजन’ का भव्य आयोजन किया गया है। 25 मार्च से प्रारंभ हुई इस 6 दिवसीय प्रदर्शनी में विभिन्न कलाकारों की अनूठी कृतियों का प्रदर्शन किया गया है, जो सभी आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन पर्यटन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने किया।

प्रदर्शनी में प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों की पेंटिंग्स और मूर्तिशिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। कलाकार रामू रामदेव ने वैदिक संस्कृति, भगवान श्रीराम और भगवान विष्णु के संसार का चित्रण किया है, जबकि गोविंद रामदेव ने मातृशक्ति के विभिन्न स्वरूपों को अपनी कला में उकेरा है। इनके अतिरिक्त वीरेन्द्र बन्नू, कैलाश चंद्र शर्मा, केके शर्मा, लक्ष्मीनारायण और नाथू लाल वर्मा जैसे कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियां भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनीं हैं। प्रदर्शनी में कुछ विशेष कृतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें ‘निधि स्वरूप’ और ‘रामायण’ प्रमुख हैं।

‘निधि स्वरूप’ – 2 वर्षों में बनाई गई अद्भुत कृति

भगवान श्रीनाथ की छवि को उनके सेवकों से घिरे हुए रूप में दर्शाने वाली यह कृति विशेष रूप से चर्चा में है। इसे कॉन्क्रीट से तैयार किया गया है, जिससे यह किसी पुरातात्विक खुदाई से प्राप्त प्राचीन मूर्ति जैसी दिखाई देती है। इस कृति को 3 सेंटीमीटर की मेटल प्लेट पर एचिंग तकनीक से उकेरा गया है, जिसमें सूरत, मथुरा, वृंदावन, श्रीनाथद्वारा और गोकुल के मंदिरों एवं भगवान श्रीनाथ की लीलाओं का चित्रण किया गया है, इसका भार लगभग 400 किलोग्राम है तथा इसका मूल्य 12 लाख रुपये बताया जा रहा है।

‘रामायण’ – 64 मेटल प्लेट्स पर उकेरी गई रामकथा

कलाकार संदीप गोमे की अनूठी कृति ‘रामायण’ को 64 मेटल प्लेट्स पर उकेरा गया है, जिसमें भगवान राम के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का चित्रण किया गया है। इसमें राजा दशरथ के श्राप से लेकर भगवान राम के राज्याभिषेक तक की पूरी कथा को बहुत ही सुंदरता से दर्शाया गया है। इसका भार 400 किलोग्राम और मूल्य 10 लाख रुपये बताया जा रहा है।

250 किलो का ‘श्रीराम’ का चेहरा

प्रदर्शनी में भगवान राम का कॉन्क्रीट का एक चेहरा भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें लंका पर चढ़ाई से पहले भगवान शिव की आराधना करते हुए श्रीराम के सौम्य चेहरे को उकेरा गया है। इसे तैयार करने में लगभग डेढ़ वर्ष का समय लगा। 

शिल्पग्राम में ‘क्राफ्ट एंड फूड बाजार’ का प्रारंभ

राजस्थान पर्यटन दिवस उत्सव के अंतर्गत शिल्पग्राम में ‘राजस्थान के रंग’ थीम पर क्राफ्ट एंड फूड बाजार का भी आयोजन किया गया है। इस बाजार में राजस्थान सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के महिला स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं।

हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों की अनूठी प्रदर्शनी 

प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा बनाए गए पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिनमें –

ब्लू पॉटरी, बंधेज, लाख की चूड़ियां, कठपुतलियां, मेटल क्राफ्ट, कशीदाकारी वस्त्र, मिट्टी और लकड़ी के हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल हैं। प्रदर्शनी में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन और मसाले भी उपलब्ध हैं। इनके अतिरिक्त जैविक शहद, हस्तनिर्मित साबुनों, आयुर्वेदिक उत्पादों, ऊनी वस्त्रों और स्थानीय कृषि उत्पादों का भी अच्छा संग्रह देखने को मिल रहा है।

लोकनृत्य और लाइव कुकिंग सेशन का आयोजन

प्रदर्शनी में विभिन्न उत्पादों को बिक्री के लिए रखे जाने के साथ ही आगंतुकों के मनोरंजन के लिए विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया है। लाइव कुकिंग सेशन महिलाओं का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

संस्कृति और पर्यटन के संगम का भव्य उत्सव

‘सृजन’ आर्ट एग्जीबिशन और क्राफ्ट एंड फूड बाजार के माध्यम से राजस्थान पर्यटन दिवस उत्सव को एक भव्य और सार्थक रूप दिया गया है। यह आयोजन न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने का प्रयास है, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे प्रचारित करने का एक प्रबल माध्यम भी सिद्ध हो रहा है। 30 मार्च तक चलने वाले इस उत्सव में कला प्रेमी, पर्यटक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

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