पंचांग 9 अक्टूबर 2021

सुविचार
अणुभ्यश्च महद्भ्यश्च शास्तेभ्यः कुशलो नरः।
सर्वतः सारमादद्यात् पुष्पेभ्य इव षट्पदः।।
भावार्थ
जैसे भंवरा छोटे बड़े सभी फूलों में से केवल मधु (शहद) ही लेता है, उसी प्रकार चतुर मनुष्य भी शास्त्रों के सार को ग्रहण करते हैं।
।।आप सभी का दिन मंगलमय हो।।
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